अंबिकापुरसरगुजा संभाग

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामगढ़ महोत्सव धूमधाम से मनाया गया, इसमें कलाकारों ने तो सांस्कृतिक कार्यक्रम से शमा बांधी ही, लेकिन सरगुजा एसपी के संस्कृत में उद्बोधन से लोग मंत्रमुग्ध दिखे…

रंजन सोनी,अम्बिकापुर :- रामगढ़ महोत्सव में पधारे प्रदेश के गृह मंत्री एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा ने कहा है कि महाकवि कालीदास की खण्ड काव्य मेघदूतम की रचना स्थली रामगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता देश एवं प्रदेश में अद्वितीय है।

उन्होंने उपस्थित जनों से कहा कि जल और जंगल को बचाये रखने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने में सहभागिता निभाएं। विदित हो कि गृह मंत्री श्री पैकरा आज रामगढ़ में आयोजित रामगढ़ महोत्सव के समापन सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सरगुजा जिले के अलावा प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आये कलाकारों ने मनोहारी रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। अतिथियों ने शोध संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले और सांस्कृतिक दलों के कलाकारों को सम्मानित किया।

गृह मंत्री पैकरा ने कहा कि रामगढ़ का प्राकृतिक धरोहर बना रहे इसके लिए आवश्यक है कि यहां के पेड़ पौधों की सुरक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी माॅ है। पेड़-पौधे अधिक होने से वर्षा भी अच्छी होती है, जिससे किसान समय पर खेती कर पाते हैं और वे आर्थिक रूप से समृद्धि होते है। इसके साथ ही वहां का वातावरण भी अच्छा रहता है, और लोागों को शुद्ध हवा मिलती है जिससे लोग स्वस्थ्य रहते हंै। श्री पैकरा ने कहा कि आर्थिक समृद्धि तभी बढ़ेंगी जब पेड-पौधे और जंगल रहेंगे। उन्होंने जनसामान्य से कहा कि हर व्यक्ति अपनी बाड़ी और खेत के मेड़ में पौधे लगाकर धरती की सुंदरता बढ़ाने में अपनी अहम भूामिका का निर्वहन कर सकते हैं। श्री पैकरा ने कहा कि जंगल बचाने के साथ ही पानी बचाना आवश्यक है। पानी बचाने के लिए तालाब, डबरी, कुआॅं आदि का अधिक से अधिक निर्माण किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में शादी के समय मण्डप गाड़ने के लिए साल वृक्षों की कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस परंपरा को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों से मण्डप बनाने के बजाये अब टेण्ट का उपयोग किया जाना चाहिए।

महोत्सव में पधारे छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और अम्बिकापुर विधानसभा के विधायक श्री टी.एस. सिंह देव ने कहा कि आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर आयोजित रामगढ़ महोत्सव से वर्षा ऋतु का आगमन हो जाता है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की वादियो को और सुसज्जित करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने यहां जन सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। सरगुजा संासद कमलभान सिंह ने कहा कि रामगढ़ में हर बार रामगढ़ महोत्सव का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इससे सरगुजा और यहां के लोगों का सम्मान बढ़ता है। उन्होंने वर्षा कराने के लिए इन्द्रदेव से प्रार्थना करते हुए बरसो पानी हमर देशों लोक गीत भी गाया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि रामगढ़ की पहाड़ी सांस्कृतिक एवं एतिहासिक धरोहर के रूप में विख्यात है ,और यहां आषाढ़ के प्रथम दिवस पर हर वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के पहले दिन शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किया और आज दूसरे दिन सरगुजा के साथ ही प्रदेश के कलाकारांे ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया । उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव के आयोजन से सरगुजा की सांस्कृति पंरपरा को आगे बढ़ाने में मद्द मिलेगी और स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में निकाली गई रामगढ़ की झांकी को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है, जो रामगढ़ की महत्ता को प्रदर्शित करता है। पुलिस अधीक्षक श्री सदानन्द कुमार ने महाकवि कालीदास की मेघदूत्म की प्रथम सर्ग के प्रथम श्लोक का वाचन किया और अपना पूरा उद्बोधन संस्कृत में देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर इन्दिरा गांधी संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों द्वारा कालीदास की मेघदूत्म पर आधारित नाट्य का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके साथ ही चिरमिरी के सुनिल मानिकपुरी और बिलासपुर के लोक कला मंच मन भौरा के कलाकारों ने आकर्षक संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। अतिथियों ने इस मौके पर शोध संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले तीन शोधार्थी डाॅ. निलीम्प त्रिपाठी, श्री अजय चतुर्वेदी, डाॅ. ललीत शर्मा को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही इन्दिरा गांधी संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों, चिरमिरी के सुनिल मानिकपुरी और बिलासपुर के लोक कला मंच मन भौरा के कलाकारों एवं शासकीय राजकुमार सिंह काॅलेज उदयपुर के सृष्टि भदोरिया एवं साथी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से रामगढ़ महोत्सव मे आये अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में पौधे भेंट किया गया।

इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक श्री चिन्तामणी महाराज, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री अनिल सिंह मेजर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती प्रियंका पाण्डेय, नगर निगम अम्बिकापुर के पार्षद श्री आलोक दुबे, जनपद पंचायत उदयपुर के अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह, उपाध्यक्ष श्री राजीव कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भोजवन्ती सिंह, ग्राम पंचायत रामनगर के सरपंच श्री रोहित सिंह टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आस-पास के गांव से आये ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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