एक करोड़ की ज्वेलरी उठाईगिरी मामले में कार्रवाई पर उठे सवाल, IG सरगुजा से शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग…

मो.हदीस,सीतापुर :- नगर के बहुचर्चित काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स से दिन-दहाड़े करीब एक करोड़ रुपये की ज्वेलरी उठाईगिरी के मामले में अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सर्व आदिवासी समाज, व्यापारी संघ, सराफा संघ, सीतापुर विकास मंच एवं स्वर्णकार समाज ने सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में शामिल शेष आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और चोरी गए आभूषणों की बरामदगी की मांग की है।
26 जुलाई 2026 को श्री अरुण देव सोनी निवासी सीतापुर की काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स दुकान से दिन-दहाड़े करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण की उठाईगिरी दुकान खोलने के दौरान सामने खड़ी स्कूटी से हो गयी थी । घटना के बाद विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब 21 दिनों तक पंडाल लगाकर धरना दिया तथा एक दिन सीतापुर बंद और चक्काजाम भी किया गया था।
पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से लगभग 46 लाख के जेवर बरामद किए थे। पुलिस प्रशासन द्वारा अन्य चोरों को सात दिनों के भीतर पकड़ने तथा शेष सामान बरामद करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रस्तावित बड़े चक्काजाम को स्थगित किया गया था।
लेकिन ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गिरफ्तार आरोपी द्वारा घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों के संबंध में बयान दिए जाने के बावजूद करीब 14 दिन बीतने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे सर्व समाज में नाराजगी और चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं, बरामद किए गए जेवर तथा पीड़ित पक्ष को सौंपे गए जेवर के वजन में भी अंतर होने की बात ज्ञापन में उठाई गई है।
संगठनों का कहना है कि थाना प्रभारी के स्थानांतरण के बाद जब वर्तमान थाना प्रभारी से मामले की जानकारी ली गई तो शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिल पाया। ऐसे में लोगों को आशंका है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें न्याय के लिए पुनः सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक से शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, चोरी गए बाकी आभूषणों की बरामदगी तथा बरामद जेवर के वजन में अंतर की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सर्व समाज द्वारा व्यापक चक्काजाम एवं विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।



