एनएच-43 पर सड़क कम, गड्ढे ज्यादा! सोनतराई से सुर तक कीचड़ का साम्राज्य, राहगीर परेशान…

विभाग की ‘कुंभकरणी नींद’ नहीं टूट रही, बारिश ने खोल दी सड़क की बदहाली की पोल…
मो.हदीस,सीतापुर :- शहर की मुख्य सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का सोनतराई से सुर तक का हिस्सा इन दिनों सड़क कम और गड्ढों-कीचड़ का मैदान अधिक नजर आ रहा है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने से राहगीरों का चलना तक मुश्किल हो गया है। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर इस बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर हैं।
हालात ऐसे हैं कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची है, यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मार्ग किसी ‘रोड टेस्ट’ से कम नहीं है। जरा सी चूक हुई नहीं कि वाहन सीधे गड्ढे में और चालक कीचड़ में—मानो सड़क नहीं, विभाग ने बरसात में मुफ्त का एडवेंचर पार्क खोल दिया हो।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह कोई ग्रामीण संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 है और शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत और बिगड़ गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। कई बार वाहन चालक संतुलन खो देते हैं। पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क की बदहाली देखकर ऐसा लगता है कि विभाग ने गड्ढों को भरने के बजाय उन्हें ‘विकास की पहचान’ मान लिया है। जनता परेशान है, वाहन चालक हलाकान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी ऐसी कुंभकरणी नींद में है कि मानो सड़क की हालत से उसका कोई लेना-देना ही नहीं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सोनतराई से सुर तक सड़क का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत कराने, जलभराव की समस्या दूर करने तथा आवागमन को सुचारु बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क की सुध नहीं ली गई तो किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग की नींद खुलेगी।



