अंबिकापुरछत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

शिक्षक मोर्चा के आह्वाहन पर जिले के हजारों शिक्षक हड़ताल में शामिल… कई स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति…

संविलियन पूर्व सेवा का गणना हमारा अधिकार है …मनोज वर्मा…

मोदी की गारंटी लागू करे सरकार ..करीम खान…

Surguja/अम्बिकापुर :- शिक्षकों के एकदिवसीय आंदोलन से जिले के कई स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित हो गई।शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय निकाय के आह्वाहन पर चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान सरगुजा जिले के हजारों शिक्षक एस बी आई करेक्ट्रेट ब्रांच के सामने धरना देकर अपने पांच सूत्रीय मांगों के सन्दर्भ में आवाज बुलंद किया।

शिक्षकों के एकदिवसीय हड़ताल से जिले के कई स्कूलों में तालाबंदी की नौबत आ गई।इस दौरान सरगुजा जिले के सातों विकासखण्ड के एल बी संवर्ग के शिक्षक जिला मुख्यालय पहुचें व चुनाव के दौरान किये गए वायदे मोदी गारंटी को लागू करने की मांग की। गौरतलब है कि शिक्षकों का संविलियन पश्चात यह सबसे बड़ा आंदोलन है जिसमें प्रदेश के चार बड़े शिक्षक संगठन एक होकर “शिक्षक संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन कर रहें है।

शिक्षकों ने कार्यक्रम पश्चात मुख्यमंत्री के नाम मांगो को पूरा करने का ज्ञापन सौंपा। आयोजित धरना प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक मनोज वर्मा ने कहा कि संघर्ष हमारे खून में है। हम आज जो भी पाए हैं सरकार कभी बिना आंदोलन के हमें नहीं दी है, हम सड़क पर उतर कर आंदोलन किये है उसके बाद ही सरकार को मजबूर होकर देना पड़ा है।

आज हमारा संविलियन होने के बाद भी हमारे कई शिक्षक साथी सेवानिवृति पश्चात नाम मात्र का पेंशन पा रहें। हम 1998 से शिक्षकीय पेशा में है। पर हमारी संविलियन पूर्व की सेवा शून्य कर दी गई है। साथ ही विभिन्न अवकाश जो हमारे रिकार्ड में एड होना चाहिए उसे भी शून्य कर दिया गया। यह हमारे लिए काफी नुकसान दायक रहा है। सरकार से मांग है कि पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एल बी संवर्ग के पुरानी पेंशन को निर्धारित करें एवं भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को जारी आदेश के समान 33 वर्ष में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया जाए। आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय सह संचालक करीम खान ने कहा कि चुनाव के समय बड़े बड़े वायदे किये गए थे।

अब जरूरी है उन वायदों को अमल में लाया जाए। हम पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहें हैं जिनमे हमारा प्रमुख मांग है मोदी जी के गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर कर , समस्त एल बी संवर्ग को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किया जावे व समतुल्य वेतनमान (पुनरक्षित वेतनमान) में सही वेतन का निर्धारण कर 1.86 के गुणांक पर वेतन का निर्धारण किया जावे साथ ही शिक्षक व कर्मचारियों को केंद्र के समान लंबित मंहगाई भत्ता देय तिथि से एरियर्स सहित दिया जावे। प्रांतीय सहसंचालक भरत सिंह ने कहा कि यह हमारे हक की लड़ाई है। और इसे हम लेकर रहेंगे। कार्यक्रम को मोर्चा के जिला संचालक संदीप पांडेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हित के बारे में सोचना चाहिए। सरकार के द्वारा मांगो पर ध्यान नहीं देने के कारण ही शिक्षक संवर्ग को आंदोलन पर आना पड़ रहा है।

सरकार से अनुरोध है कि हमारी पांच सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करे।

आयोजित कार्यक्रम में विनीता सिंह, श्रीमती आरती सोनी, सरिता तिवारी, कंचन श्रीवास्तव, काजेश घोष, राजेश गुप्ता, रामबिहारी गुप्ता, देवेंद्र सिंह, सुरित राजवाड़े, राकेश गुप्ता, संतोष यादव, नानसाय मिंज, मनीष सिन्हा, रोहिताश शर्मा, अरविंद सिंह, रोहिताश शर्मा,अनिल तिग्गा, अमित सिंह, सुशील मिश्रा, रणवीर सिंह चौहान, जवाहर खलखो, अमित सोनी, लखन राजवाड़े, रमेश याज्ञिक, राकेश पांडेय, योएल लकड़ा, लव गुप्ता, विशाल गुप्ता, बाबूनाथ सिंह, विनोद यादव, राजेश सिंह, राजेश सिंह काकू, करण सिंह जोगी, मोजस्सम खान, महेश यादव, प्रभाकर सिंह, अरविंद राठौर, संतोष सिंह, नीरज गुप्ता, केश्वर यादव, सविता सिंह, उषा एक्का, सुमंती मिंज, ज्ञानलता, सुग्रीव गुप्ता, दिनेश मिश्र, जुगल किशोर शर्मा, मोतीलाल राजवाड़े सहित हजारों शिक्षक उपस्थित रहे।

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