अंबिकापुरछत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

कोयला तस्करों ने जब उठा लिया कोयला तब छापा मारने पहुंची प्रशासनिक टीम… आरटीआई एक्टिविस्ट ए एन पांडे की कलम से…

“सरगुजा संभाग का निरंकुश माफिया भाग/माफिया राज”? रेत माफिया, खेत माफिया, कोल माफिया, वन माफिया, जन माफिया, धन माफिया, स्वास्थ्य माफिया और तो और आर टी आई माफिया? गजब का सेटिंग का खेल चल रहा है? दिनाँक 19 11 2022 दिन शनिवार को,(JDU) सरगुजा संभाग प्रभारी आचार्य श्री दिग्विजय सिंह तोमर के साथ हम लोगों ने जिला सूरजपुर में रेत माफियाओं का रेत माफियाओं का करिश्माई पहाड़ का दर्शन लाभ प्राप्त करते हुए, सारे नियम कानून संविधान के विपरीत संचालित असुरक्षित महान 2 (टू) कोल खदान भी देखा!! इसी के बगल में जिला बलरामपुर में कोल माफियाओं द्वारा संचालित, अवैध कोल खदान महान 1( वन ) भी देखा, जहां सैकड़ों टन कोयला भंडारित थी? जिसकी सूचना हमने दूरभाष से वन विभाग सहित तहसीलदार/कार्यपालिक दंडाधिकारी राजपुर को दिया! सूचना पाकर वन विभाग अधिकारी स्थल पर, संभवतः इसलिए पहुंचा, क्योंकि खदान राजस्व विभाग में था? लगभग चौबीस घंटे बाद तहसीलदार राजपुर से इस बारे पूछने पर उन्होंने स्थल पर जाने की प्लानिंग करना बताया? कल के दैनिक भास्कर समाचार पत्र के अनुसार, राजपुर S D M सहित तहसीलदार अमला “महान वन” खदान स्थल पर तब पहुंचा, जब कोल माफिया स्थल से कोयला उठा लिया?? इतना ही नहीं पटवारी और सरपंच सचिव को निर्देश जारी किया की खदान की लीपापोती कर दे? उस खदान तक जाने का रास्ता वन विभाग से होकर गुजरना पड़ता है और जब हम लोग वहां थे! तो मात्र पंद्रह बीस मिनट में रास्ते पर खूंटा गाड़ कर मार्ग अवरूद्ध कर दिया गया और बताया कि वन विभाग के निर्देश से बंद किया है! किंतु रास्ता कोल माफियाओं के लिए बंद नहीं ?? *** ऐसा है अपने संभाग का “माफिया राज “ **

Related Articles

Back to top button