अंबिकापुरछत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

अवैध रेत के भंडारण एवं सूरजपुर जिले के महान वन कोयला खदान में अवैध खनन से अनभिज्ञ क्यों है जिले के अधिकारी…

अंबिकापुर :- 19 नवंबर 2022को,(JDU) जनता दल यूनाइटेड के सरगुजा संभाग प्रभारी आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर के दौरा कार्यक्रम में, जिला सूरजपुर के महामाया शक्कर कारखाना भ्रमण के बाद, ग्राम पंपापुर में बालू/रेत माफियाओं का रेत का पहाड़ भी देखा जो उन्हें अचंभित कर रहा था

आगे असुरक्षित महान 2(टू) खदान का भी निरीक्षण किया! फिर ग्राम मरकाडांड होते हुए जिला बलरामपुर तहसील राजपुर के ग्राम चौरा परसवार पहुंचने पर पता चला की, यहां कोल माफियाओं का करिश्माई महान 1(वन) खदान है और वहां धडल्ले से बेखौफ खदान संचालित है!! जिसपर श्री तोमर ने वन मार्ग से ग्राम परसवार महान 1 (वन) खदान का भी निरीक्षण किया जहां सैकड़ों टन कोयला स्टोर था, इनलोगों की पहुंचने की आहट पाकर ट्रक एवं जेसीबी मशीन अदृश्य रूप धारण कर चुका था।

खैर इनलोगों ने महान वन कोल खदान की सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी राजपुर और तहसीलदार राजपुर को भी दूरभाष से दे दिया। उक्त चमत्कारी “महान वन” खदान से जब इन लोग अपनी कार से वापस आने लगे, तो रास्ते में, जो वन मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, वहां दो लोगों ने दो खूंटा गाड़ कर मार्ग अवरूद्ध कर दिया था! जो संभवत बन विभाग के पहल से, इसलिए की गई होगी, की करिश्माई “महान वन” खदान तक कोई वाहन जाकर, भंडारित कोयले को उठा न ले!! प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री साहु, “महान वन “खदान तक देर शाम तक पहुंच चुके थे! तहसीलदार राजपुर को पहुंचने की जानकारी नहीं मिल सकी है किंतु यक्ष प्रश्न तो ये है की “महान वन ” करिश्माई खदाने से, जहां से हजारों लाखों टन कोयला निर्यातक “महान वन” से शासन प्रशासन अनभिज्ञ है??? अब देखना ये है कि, अब इसपर आगे क्या कार्यवाही होती है?? क्या खदान संचालक का नाम उजागर कर पाने में* एवं कार्यवाही करवाने में शासन-प्रशासन सक्षम होगा इंतजार रहेगा

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