अंबिकापुरछत्तीसगढ़सरगुजा संभाग

जहां पर आता है अभिमान वहां से खिसक जाते हैं भगवान, पत्नी के लिए केवल एक ही धर्म है पति की सेवा- अशोक कृष्ण जी महाराज…

अंबिकापुर :- अंबिकापुर के बनारस रोड स्थित होटल बंधन इन में सप्त दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया गया है जिसका आज छठवां दिन है आज छठे दिन में भगवान के गोवर्धन रूप के पूजा के साथ-साथ रास पंचाध्याई का वर्णन किया गया।

पूज्य महाराज अशोक कृष्ण जी महाराज ने कान्हा के बाल रूप में बिताए गए लीलाओं का वर्णन किया इसके साथ साथ कंस वध जरासंध युद्ध द्वारका निर्माण की बातें बताइ, और आज की कथा के अंत में भगवान श्री कृष्ण की मंगल शादी की गई जिसमें श्रद्धालुओं ने भरपूर आनंद उठाया।

विदित हो कि आज सप्त दिवसीय कथा का छठवां दिन था जिसमें पूज्य महाराज अशोक कृष्ण जी ने कथा की शुरुआत नटवर गिरधर गोपाल कन्हैया की भजनों से की तत्पश्चात भगवान ने इंद्र से वृंदावन की रक्षा कैसे की विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया।

भगवान श्री कृष्ण अपनी छोटी अंगुली से केवल 7 साल की उम्र में 7 दिन के लिए गोवर्धन पर्वत को उठा कर रखा और इंद्र का मान मर्दन किया था।

तत्पश्चात पूज्य महाराज अशोक कृष्ण जी ने भिखारी के भी दो रूप बताएं एक अंदर मांगता है एक बाहर मांगता है तत्पश्चात रास पंचाध्याई जिसमें गोपियों संग श्री कृष्ण ने महारास किया और सभी गोपियों की पूर्व जन्म की कामना को पूरा किया।

तत्पश्चात अशोक कृष्ण जी ने पत्नी धर्म का वर्णन किया जिसमें उन्होंने कहा कि पत्नी का केवल एक ही धर्म है पति की सेवा… वृंदा ने पति की सेवा कर जालंधर जैसे असुर को अमर कर दिया था।

भगवान को उसकी पत्नी के पास जाकर उसका मान भंग करना पड़ा था तब जाकर कहीं उसकी मृत्यु हुई महारास के बाद अशोक कृष्ण जी ने गोपी गीत गाया। जिसे भागवत का प्राण कहा जाता है अगर गोपी गीत ना हो तो भागवत बेजान है। महाराज जी ने कहा की इच्छा तो होती है कि गोपी गीत गाते रहा जाए।

और उनके 19 श्लोकों का वर्णन किया इसके साथ ही श्री कृष्ण ने एक ही मुस्टीका में कंस का वध किया। और जरासंध और श्री कृष्ण का 17 बार युद्ध हुआ इसका वर्णन भी किया और कथा के अंत में भगवान की ब्याह धूमधाम से कराई गई।

जिसमें श्रोताओं ने जमकर आनंद उठाया एवं भगवान के मंगल की बधाई दी। तत्पश्चात राधा कृष्ण की झांकी निकाली गई एवं आरती कर आज की कथा का समापन किया गया।

कथा से आसपास का माहौल ही नहीं बलिक पूरा शहर भक्तिमय हो गया है। कथा में अंबिकापुर शहर के साथ-साथ शहर के बाहरी इलाके से भी श्रद्धालु पधार रहे हैं, जैसे कि गांधीनगर, सुभाष नगर, भगवानपुर,फुंदुरदिहारी, से भी श्रद्धालु पधार रहे हैं और कथा का भरपूर आनंद ले रहे हैं।

कथा व्यास अशोक कृष्ण महाराज की ओजपूर्ण वाणी से लोग झूमते नजर आ रहे हैं और कथा का भरपूर आनंद उठा रहे हैं विदित हो कि कथा चौहान परिवार के सचिन सिंह होटल बंधन इन के संचालक द्वारा कराया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button