बालक की प्रथम गुरु मां है… अशोक कृष्ण जी महाराज…

अंबिकापुर :- अंबिकापुर के बनारस रोड स्थित होटल बंधन इन में इन दिनों भागवत कथा का आयोजन हो रहा है जिसमें भागवत प्रेमी भागवत कथा का रसपान कर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।

भागवत कथा सुनाने वाले कथा व्यास अशोक कृष्ण जी महाराज वृंदावन से पधारे हुए हैं। कथा व्यास अशोक कृष्ण जी महाराज की ओजपूर्ण वाणी से पूरा शहर भक्तिमय हो गया है। कथा में शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाके तथा गांधीनगर, सुभाष नगर, भगवानपुर के लोग कथा सुनने होटल बंधन इन पहुंच रहे हैं। सप्त दिवसीय कथा का आयोजन 15 नवंबर से 21 नवंबर तक किया गया है कथा का आयोजन चौहान परिवार एवं होटल बंधन इन के संचालक सचिन सिंह द्वारा किया गया है।

कथा में आसपास के श्रोता पधार कर कथा का आनंद ले रहे हैं कथा संगीतमय होने के कारण लोग कथा में झूमते नजर आ रहे हैं। आज पंचम दिन की कथा में कथा की शुरुआत तन मन धन बलिहारी रे झूले बांके बिहारी के भजनों से किया गया, एवं कृष्ण भगवान के जन्म उत्सव से लेकर उनकी बाल लीलाओं का बखान विस्तार एवं मार्मिक पूर्व शैली में किया गया जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए एवं कथा में झूमते हुए नजर आये।
कथा व्यास अशोक कृष्ण जी महाराज ने बताया कि मां बच्चों की प्रथम गुरु होती है मां अपने बच्चों को जैसा ढालना चाहेगी वैसा ही बच्चे बनेंगे। इनके साथ ही बीच-बीच में भजनों के माध्यम से श्रोताओं में उत्साह बनाया गया जिससे श्रोता भागवत कथा का भरपूर एवं दिल खोलकर आनंद लें। आज के पंचम दिवस श्री कृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं में माखन चोरी एवं उनके बालपन में ही गैया बछड़ा चराने से लेकर असुरों के वध की कथा सुनाई गई। साथ ही कथा के अंत में झांकी के रूप में माखन चोरी का झांकी भी निकाला गया। उसके बाद आरती के साथ आज की कथा का समापन किया गया।



