आध्यात्मिक गुरु स्वामी मंगल आनंद जी का पहली बार सरगुजा आगमन, स्वागत करेंगे एम एच आर एस चिकित्सा पद्धति के जनक जीडी मानिकपुरी…

अंबिकापुर :- आध्यात्मिक गुरु स्वामी मंगल आनंद जी का पहली बार सरगुजा आगमन कल दिनांक 7 मई को 12:00 बजे एमजी रोड नेपाली पारा एमएचआरएस के संस्थापक जीडी मानिकपुरी के निवास पर होने जा रहा है। स्वागत उत्सुक जीडी मानिकपुरी ने बताया कि गुरुजी मेडिटेशन के द्वारा रोगों का इलाज करते हैं इनके संस्था के सदस्यों के साथ कल भेंट मुलाकात होगी और इनके संस्था के सदस्यों को कल आशीर्वाद देंगे।अध्यात्मिक गुरु स्वामी मंगल आनंद जी पूर्व में अंतरराष्ट्रीय योग अध्यात्म का प्रचार प्रसार अष्टांग योग मेडिटेशन का आयोजन .संचालन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ,यूरोप ,हांगकांग, बैंकॉक ,चाइना, एवं अन्य एशियाई देशों में अध्यात्म का प्रचार प्रसार समय-समय पर करते रहें हैं। एमएचआरएस चिकित्सा पद्धति के प्रवर्तक जनक ज्ञानी दास मानिकपुरी एवं सपरिवार की ओर से विशेष आग्रह पर स्वागत की जा रही है। स्वामी जी सात दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आए हुए हैं व विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी आशीर्वाद देते हुए जन कल्याण के क्षेत्र में ध्यान ,योग ,यज्ञ, वनस्पति विज्ञान, जन लाभ कल्याण हेतु भ्रमण पर हैं।

स्वामी जी वनस्पति के प्रति जागृति और आध्यात्मिक ज्ञान की चेतना जगाने के लिए आयोजन को स्वीकार किया है व बताते हैं मनुष्य की समस्याओं का समाधान 4 प्रकार में छिपा है इन प्रकारों को यदि कोई प्रयोग करता है तो उसके जीवन में कोई कष्ट एवं बाधाएं समस्या नहीं रह सकती है।
पहला योग, दूसरा यज्ञ, तीसरा ध्यान,चौथा वनस्पति विज्ञान , इन चारों में सारी समस्याओं के समाधान , निदान , ,विद्यमान हैं।
बस आवश्यकता है तो थोड़े से श्रम और संयम की ,श्रद्धा भाव से यदि कोई भी इन प्रकारों को करता है तो वह अपने जीवन को चमत्कारी गुणकारी बना लेता है।गहरे संतोष के साथ जीवन व्यतीत करता है भविष्य में शीघ्र ही छत्तीसगढ़ प्रदेश में जन कल्याण हेतु अष्टांग योग मेडिटेशन योग से संबंधित साधना केंद्र की स्थापना हेतु पहल की जा रही है
छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमएचआरएस अभियान में स्वामी जी का विशेष आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के साथ-साथ हमारी योजनाएं के आधार पर कार्यक्रम का संचालन हो रही है भविष्य में आप सभी के स्वास्थ्य लाभ एवं साधना के क्षेत्र में विशेष आशीर्वाद की कार्यक्रम की घोषणा की प्रतीक्षा है जिसे सभी जनमानस को प्राकृतिक से जीने की ज्ञान एवं हमारे वर्षों ऋषि-मुनियों की तपस्या एवं धरोहर की दिशा निर्देश एवं ज्ञान की जानकारी आप सभी तक मिलती रहेगी । स्वागत विश्व एमएचआरएस प्रवर्तक जनक ज्ञानी दास मानिकपुरी, श्रीमती बेल पतिया मानिकपुरी, देव मानिकपुरी, श्री बृजेंद्र पाठक, श्रीमती तारा पाठक श्री अतुल मेहता, श्री मुकेश केसरी, श्री सुभाष हलदर, श्री राजमणि वर्मा, श्रीमती फिटको भाई एवं समस्त मानिकपुरी एक्यूप्रेशर रिसर्च इन योगा साइंस सेंटर अंबिकापुर एवं मानिकपुरी एक्युप्रेशर हेल्थ एजुकेशन सोसायटी अजीर्मा अंबिकापुर द्वारा की जा रही है।





