आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभय नारायण पांडे ने अंबिकापुर में डॉक्टर के भेष में मासूम शिशुभक्षी दानवो के खिलाफ कार्यवाही की की मांग…
अंबिकापुर : जी हां आपने सही पढ़ा! चिकित्सा सेवा और मानवता को कलंकित करने वाला राक्षस/दानव!! यह शब्द पीड़ित परिवार अभय नारायण पांडे का है जिनकी पोते की मृत्यु इन डॉक्टरों द्वारा की गई है ऐसा आरोप सामाजिक कार्यकर्ता अभय नारायण पांडे ने लगाया है।

पूरी खबर पीड़ित परिवार की जुबानी
घटना सुनी सुनाई नहीं बल्कि आप बीती है! मेरा पोता भी इन दानवों का शिकार हो गया! शासकीय जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर में पदस्थ, डॉक्टर किरण & राजेश भजगावली पति पत्नी हैं! एक स्त्री रोग विशेषज्ञ और एक शिशु रोग विशेषज्ञ! जो धन लोलुपता में किस कदर अंधे हैं, की शासकीय चिकित्सक होते हुए भी, नगर के मणिपुर दर्री पारा में मरीज देखने का परामर्श केंद्र खोला है जहां दोपहर 2 से 5 बजे तक भारी भरकम फीस लेकर मरीज देखते हैं!

इसके अतिरिक्त नमनाकला में निजी “भजगावली हॉस्पिटल/ नर्सिंग होम” करोड़ों की लागत से बनाया है, जहां मरीजों की जॉच पड़ताल व ऑपरेशन की जाती है! इन्हीं दोनों डॉक्टरों के, अधिक धन कमाने की लालसे ने मेरे पोते की जान ले ली गई! जिसके विरुद्ध माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा जिला कलेक्टर सरगुजा महोदय को शिकायतें दी गई है! इस तरह का ये पहला मौका/मामला नहीं है अमूमन ऐसे नरभक्षी दानवों से पूरा शहर भरा हुआ है।



