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अंबिकापुर संगम चौक निवासी हिमांशी सोनी बनी सिविल जज, पहले ही अटेम्प्ट में हासिल किया छठवा रैंक… बधाई देने वालों का लगा तांता…

अम्बिकापुर :- भगवान जो भी करता है वह अच्छे के लिए करता है यह पूरा वाक्य चरितार्थ हो रहा है हिमांशी सोनी के लिए जो पढ़ना तो चाह रही थी डॉक्टरी और बनना चाह रही थी डॉक्टर… लेकिन आर्थिक कमी की वजह से वह ना तो मेडिकल का कोचिंग का फीस भर पा रही थी और न ही महंगी पुस्तक खरीद पा रही थी। इसी बीच सीबीसी कोचिंग के संचालक आयुष अग्रवाल ने हिमांशी को यह सुझाव दिया कि वह बीए एलएलबी कर ले और आगे चलकर सिविल जज की परीक्षा में अपना पार्टिसिपेट करें मरता क्या ना करता मन मार कर हिमांशी ने इसे करना स्वीकार किया और आज वह अपना ही नहीं बल्कि पूरे शहर का समाज का नाम रोशन कर रही है। जैसे ही गुरुवार शाम को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के सिविल जज का परिणाम आया उसमें 26 वर्षीय हिमांशी सोनी का नाम भी छठवे रैंक मे था। जो अंबिकापुर नगर के संगम चौक के निवासी है। टॉप 10 में हिमांशी सोनी का नाम देख उसके परिवार एवं माता-पिता को खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हिमांशी सोनी बचपन से ही पढ़ने में मेधावी छात्रा थी शुरू के प्राइमरी कक्षा की पढ़ाई टाइनी टोट्स स्कूल से करने के बाद स्कूलिंग कार्मेल स्कूल से किया जिसमे 10th मे 82% एवं 12th में Bio से 82% प्राप्त किया।इसके बाद बीए एलएलबी गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी से उसी कैंपस से किया। इसके बाद लगभग 2 साल भट्ट करियर सेंटर बिलासपुर से कोचिंग कर सिविल सर्विस के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया। हिमांशी ने बताया कि जून 2023 में सिविल जज हेतु लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें मैं भाग ली और उत्तीर्ण हुई, जिसका रिजल्ट अगस्त 2023 में आया और हजारों परीक्षार्थी में केवल 152 अभ्यर्थी ही सेलेक्ट होकर इंटरव्यू में पहुंचे। हमारा इंटरव्यू 25 से 30 मिनट के बीच हुआ और सफलता गुरुवार के दिन पता चला। हिमांशी सोनी का कहना है कि प्रतिदिन प्रतिदिन 6 से 8 घंटा पढ़ाई करने के बाद यह सफलता हासिल हुआ है। पूरे महीने के पढ़ाई के लिए एक टारगेट फिक्स करना पड़ता था और उसको अचीव करना पड़ता था जिसमें 6 से 8 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करनी पड़ती थी।पहले ही अटेम्प्ट में यह सफलता हासिल होने पर माता-पिता काफी हर्षित है माता लीना सोनी का कहना है कि इसमें मेरी बेटी का मेहनत हम लोग का तपस्या और मां महामाया का आशीर्वाद सन्निहित हैं। आपको बता दें की हिमांशी सोनी के पिता घनश्याम सर्राफ एवं माता लीना सोनी है। हिमांशी सोनी का कहना है कि इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता गुरुजनों समेत अपने पूरे परिवार को जो प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से साथ दिए हैं उनको जाता है। आपको बताते चलें कि सीजीपीएससी ने 48 पदों के लिए जून 2023 में सिविल जज हेतु परीक्षा आयोजित किया गया था जिसका परिणाम अगस्त में आ गए थे जिसमें 152 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की थी और साक्षात्कार तक पहुंचे थे साक्षात्कार के बाद 48 अभ्यर्थी सफलता पाए सबसे मुख्य बात रही यह रही कि टॉप 10 में 9 लड़कियों ने बाजी मारी है।

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