कुंभकरण सहित कई लोगों ने तिन पीढ़ी से इस्तेमाल हो रहे रास्ते को घेरा, पूर्व विधायक के परिवार सहित प्रभावित आठ परिवारो का घर से निकलना हुआ मुश्किल…


मो.हदिस, सीतापुर – पिछले तीन पीढ़ी से आने जाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल वहा के निवासी कर रहे थे, उसे एक परिवार द्वारा दबँगई के साथ लकड़ी लगा कर दोनो तरफ से पुरी तरह बंद कर दिया गया , और उस पूरे रास्ते पर जूताई कर दी।जिससे वहा रहने वाले आठ परिवार के लगभग 70 लोग का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।रास्ता बंद होने के कारण उनके बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे है ।इस हेतु पीड़ित पक्ष थाने में आवेदन देकर रास्ता खुलवाने की मांग किया है ।
मामला ग्राम पंचायत शिवनाथ पुर के लकड़ापारा का है। जहा कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. सुखदेव राम केहरी का घर है,उनके जाने के बाद उसका पुरा परिवार के अन्य लोग भी वहा निवासरत है ,जो वे पिछले तीन पीढ़ी से अपने मुहल्ले से मुख्य सड़क तक आने जाने के लिए रास्ता बना है जिसे वहा के लोग उपयोग करते है ।
14 जुलाई 2023 को घर के सभी पुरुष अपने अपने ड्यूटी चले गये।और खाली मौका देखकर गाव् के हि प्रेमचंद,मघू,चंद्रिका,कुम्भकरण,मोने,आदि 7-8 लोगो द्वारा अपना पट्टे की जमीन बताते हुए दबँगई पूर्वक पूरे रास्ते को दोनो तरफ से घेर कर बंद कर दिया और वहा जुताई कर दी। पीड़ित पक्ष उनसे बात करने गया तो गाली गलौज तथा मारपीट पर उतारू हो गया व किसी कीमत पर रास्ता नही खोलने की बात पर अड़े रहे। रास्ता बंद हो जाने से इनके दो पहिया,चार पहिया वाहन सहित ट्रेक्टर भी आंगन में ही कैद हो गया जिससे इनका खेती का कार्य पुरी तरह प्रभावित हो रहा है वही इनके बच्चे तीन दिनों से स्कूल नही गये है तथा इन्हे अपनी ड्यूटी भी जाने मे काफी दिक्क़त हो रहा है । पीड़ित पक्ष उस रास्ते के बदले मे अपने पट्टे की जमीन दूसरे जगह देने को तैयार है फिर भी नही माने।
अंत मे पीड़ित पक्ष थाने में आवेदन देकर रास्ता खुलवाने की मांग किया है ।
दूसरे दिन मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने रास्ता खुलवाने के लिए उन्हे समझाइस दिया और उनके बदले दूसरी जमीन जो पीड़ित पक्ष दे रहा है वहा मौके पर लेजाकर दोनो पक्षों को समझाइस दिया और रास्ता खोल देने की बात कह कर पुलिस लौट गयी। किंतु अपनी जिद पर अड़े दबंगो ने पुलिस की एक ना सुनी और अब तक रास्ता नही खोला। रास्ता बंद हो जाने से इनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है, तथा अपने ही, घर आँगन मे कैद होकर रह गये है ।इस हेतु इन्होने शासन प्रशासन से रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है ।


