भारत हिंदू राष्ट्र रहा तो सभी सुरक्षित रहेंगें, अगर ये हिंदू राष्ट्र नहीं रहा तो यहां कोई सुरक्षित नहीं रह पाएगा- देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज…


अंबिकापुर : श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत विश्व शांति प्रार्थना के साथ की गई। जिसके बाद पूज्य महाराज श्री ने पधारे सभी प्रभू प्रेमियों को – बड़ी दूर नगरी, कैसे आऊं रे सावरिया,तेरी गोकूल नगरी, भजन श्रवण कराया।

आज कथा के चतुर्थ दिवस पर- आईएएस अशोक अग्रवाल राज्य आयुक्त सूचना आयोग, छत्तीसगढ़, अजय अग्रवाल अध्यक्ष अग्रवाल सभा अंबिकापुर, सभापति नगर निगम अंबिकापुर, कुंदन कुमार सुरगुजा जिला कलैक्टर सभी गणमान्य अतिथि पहुंचें और पूज्य महाराज जी से आशीर्वाद एवं संस्स्था की ओर से स्मृति चिन्ह् प्राप्त किया।

आज पूज्य महाराज श्री ने सभी भक्तों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी और कहा- आज का किया हुआ कोई भी सदकर्म 100 गुना फल देता है, आज का दिन कोई आम दिन नहीं है। आज बहुत शुभ मूहूर्त है गणेश जी की पूजा बुधवार के दिन करनी चाहिए और खास बात ये है कि आज गणेश चतुर्थी भी है और बुधवार भी है।

मनुष्य अपने जीवन का असली मोल जान सके एवं उसे अच्छे से व्यतीत कर सके, इसके लिए महाराज ने आगे कहा- शास्त्र कहते हैं जो मनुष्य दुष्कर्म करता है उसे नर्क की यातनाओं को भोगना पड़ता है और यह भी सत्य है कि जो मनुष्य सद्कर्म करता है वो भगवान के धाम को प्राप्त करता है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होनें बहुत कुछ पाने के बाद भी बहुत कुछ खो दिया है। अगर ये श्वास (सांस) दुबारा ना आए तो क्या करोगे। इस जीवन को व्यर्थ मत जाने दो।

आज की कथा की शुरुआत पूज्य महाराज श्री ने कहा- जो मां-बाप को अनसुना व अनदेखा करता है, ‘मैं शरीर हूं’ ये सोचता है, बिना किसी को खिलाए खा लेता है ऐसा व्यक्ति नर्क में जाता है। ऐसे तमाम कर्म है जिनके कारण व्यक्ति नर्क में जाता है। आगे पूज्य महाराज श्री ने भक्तगणों को नर्कों से कैसे बचा जाए, इसके बारे में उपाय बताया- तीन चीज़ों पर नियंत्रण रखें कान, आंख और वाणी। आज के समय में यह तीनों ही बिगड़ी हुईं है और यदि आपने इन पर नियंत्रण कर लिया तो नर्क में जाने से बच जाओगे। कानों से वो मत सुनो जो सुनने लायक नहीं है, आंखों से वो मत देखो जो देखने लायक नहीं है और वाणी से वो मत बोलो जो तुम्हारे बोलने लायक नहीं है। यह कार्य सुनने में भले ही आसान है लेकिन करने में मुश्किल है।

कथा के मध्य पूज्य महाराज श्री ने माताओं व बहनों के लिए एक खास संदेश दिया और कहा- ध्यान रखें कभी-कभी अपने पति से ज़रुर पूछें कि कुछ ऐसा काम तो नहीं करते मेरी इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए जिसके कारण तुम्हें नर्क में जाना पड़े। अपने पति से यह कहो- कि चाहे कम कमाके लाना लेकिन ऐसी कमाई मत करना जो तुम्हे और मुझे दोनों को नर्क ले जाए। बच्चों के लिए भी बच्चों के लिए भी पूज्य श्री ठाकुर ने कहा कि आजकल के बच्चे अपने मां-बाप की बात को गुरुजनों की बात को नहीं मानते हैं ऐसा उन्हें कतई नहीं करना चाहिए क्योंकि आगे चलकर उन्हें बहुत कष्टों का सामना करना पड़ेगा अगर यह गलत आदत उन्हें लगी रही तो कोई मां बाप नहीं चाहता कि हमारे बच्चों को कांटे की राह मिले।
कथा के चतुर्थ दिवस के अंत में राम जन्म एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूम-धाम व हर्षो-उल्लास के साथ मनाया गया, जिसका परम आनंद सभी भक्तगणों ने प्राप्त किया।



