पुलिस एवं एसईसीएल की निष्क्रियता से अमेरा ओपन कास्ट माइंस में चोरों का दबदबा, ईट भट्टे वाले हो रहे हैं मालामाल…
रंजन सोनी,अंबिकापुर लखनपुर :– एसईसीएल की अमेरा ओपन कास्ट परियोजना के आस पास अगर आप सुबह घूमने निकल जाए तो आप अपने आप पर विश्वास नहीं करेंगे कि यह छत्तीसगढ़ का अमेरा ओपन माइंस है या झारखंड का धनबाद माइंस। झारखंड धनबाद स्थित माइंस के आसपास आपको सैकड़ों की संख्या में कोयला चोर दिख जाएंगे, वैसा ही हाल छत्तीसगढ़ के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत अमेरा माइंस का है।सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन सुबह यहां कोयला चोर नजर आते हैं, जो अपने साइकिल या अन्य साधन से बोरे में कोयला भरकर चोरी करके ले जाते हैं।जिसकी जानकारी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ-साथ एसईसीएल को भी रहती है। लेकिन वह हाथ पे हाथ रख के मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहता है।एसईसीएल के द्वारा बार बार पुलिस से शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कोयला चोरों या यूं कहें तस्करों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किया जाता।पुलिस महज खानापूर्ति के लिए दो चार महीने में दो-चार चोरों को एवं कभी उनकी गाड़ियां पिक अप ट्रैक्टर को पकड़ के अपना कार्रवाई इतिश्री समझती है । इससे कोयला चोरों पर उनका कोई असर नहीं होता।
सबसे बड़ी बात है कि अमेरा क्षेत्र के आसपास आपको सैकड़ों की संख्या में ईट भट्ठा दिख जाएंगे, जो प्रतिदिन कांटा लगा कर चोरी के कोयला खरीदते हैं।और अपने ईट भट्ठा में उसका खपत करते हैं। लेकिन यह पुलिस एवं प्रशासन को नहीं दिखता। इस एरिया के लगभग साठ परसेंट लोग कोयला चोरी में सक्रिय हैं।जिनका मुख्य धंधा कोयला चोरी रह गया है।अभी कुछ दिन पहले जब कटकोना के ग्रामीणों ने अमेरा माइंस के विरोध में अपना आंदोलन चालू किया था, तो उस समय उदयपुर एसडीएम श्री प्रभाकर पांडेय ने माइंस में जाकर स्थिति देखी तो वे एरिया मैनेजर को कड़ी फटकार लगाते हुए बोले कि आप माइंस की सुरक्षा पुलिस के भरोसे नहीं रख सकते इसके लिए आपको एसईसीएल से सुरक्षा की मांग करना होगा, और कंपनी का गार्ड रखना होगा एवं खुले एरिया को बाउंड्री करनी होगी, इसपर सब एरिया मैनेजर ने बताया कि हम प्रस्ताव तो लगा चुके हैं अब काम कब चालू होता है यह अभी देखना पड़ेगा।

प्रदेश लोकमत भी इस विषय को कई बार प्रमुखता से उठा चुका है फिर भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है। अमेरा ओपन कास्ट परियोजना में करीब तीन माह पूर्व सरगुजा कलेक्टर किरण कौशल तथा एसपी श्री सदानंद कुमार ने खदान का निरीक्षण करते हुए खान प्रबंधक को कोयला चोरी रोकने के साथ साथ अन्य दिशा निर्देश भी दिए, लेकिन इसके बावजूद भी खदान से कोयला चोरी मे कमी नहीं हुई।एरिया मैनेजर के साथ साथ एसईसीएल का पूरा प्रबंधन खदान से कोयला चोरी रोक पाने में बिल्कुल सफल नहीं हुए। जिसका लाभ ईट भट्टे वाले भरपूर उठा रहे हैं और कोयला चोरी करने में लगे ग्रामीण आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।


