कांग्रेस ने मोदी के भाषणों का ऑडियो जनता को सुना कर किया प्रदर्शन…
बलरामपुर जिले के 9 संगठन ब्लॉक सहित
प्रदेश के 3500 से अधिक स्थानों 27 जिलों, 307 संगठन ब्लाक नगरीय निकाय के वार्डो में कांग्रेस ने माईक बजा कर किया प्रदर्शन…
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनी सरकार के शुरूआती दौर में पेट्रोल डीजल के दाम में आंशिक कमी पर की गयी दंभोक्ति भी बजाया गया जिसमें मोदी कह रहे थे-
‘‘मुझे बताइये पेट्रोल के दाम कम हुए की नही। ऐसे नही पूरी कर से बताइये। पेट्रोल के दाम कम हुए की नही हुए, डीजल के दाम कम हुए की नही हुए। आपके जेब मे थोड़ा बहुत पैसा बचने लगा की नही लगा। आपका फायदा हुआ की नही हुआ। हमारे विरोधी लोग कहते है ये तो मोदी नसीब वाला है इसलिए हुआ है।’’

इसके साथ ही मोदी द्वारा महंगाई बढ़ने के संबंध में की गई अनोखी व्याख्या जिसमें वे कह रहे-
‘‘पहले गरीब सुखी रोटी खाता था लेकिन अब गरीब दो-दो सब्जी खाता है। इसलिए महंगाई बढ़ गई।’’ प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने महंगाई के खिलाफ जिला भर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आटो एवं अन्य वाहनों में महंगाई के खिलाफ पोस्टर एवं माईक लगाकर 2014 के पूर्व महंगाई और पेट्रोल, डीजल, गैस के दाम के संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये भाषणों की क्लीपिंग जनता को सुनाई गई। प्रधानमंत्री के इन भाषणों की क्लीपिंग के बीच में महंगाई को लेकर अभिनेता रघुवीर यादव पर फिल्माया गया बहुचर्चित गीत ‘‘सखी सईयां तो खूबै कमात हैं महंगाई डायन खाये जात है’’ बजाया गया। प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा 2014 के पहले महंगाई को लेकर दिये गये भाषणों जिसमें वे तत्कालीन यूपीए सरकार को कोसते हुये कह रहे हैं-
‘‘महंगाई कम होनी चाहिए की नही होनी चाहिए। क्या ये जिम्मेवारी सरकार की है की नही है। ये जिम्मेवारी दिल्ली सरकार की है की नही है। लेकिन ऐसे कह रहे है जैसे उनकी जिम्मेवारी नही है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी महँगाई कम कर पाओ या न कर पाओ, कम से कम अटल बिहारी वाजपेयी जहाँ छोड़ के गए थे वहाँ तो लाकर के रख दो।’’
बलरामपुर जिले के संगठन ब्लाकों में कांग्रेस ने महंगाई के विरोध में मोदी के भाषणों के ऑडियो को सुनाकर बताया कि भाजपा और उसके नेता कितने अवसरवादी है जो सत्ता के पहले महंगाई को कोसते थे, सरकार में आने के बाद टैक्स लगाकर जमाखोरों को प्रश्रय देकर महंगाई बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
आम जनता के ज्वलंत मुद्दे पर केंद्र सरकार आज पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं और तरह-तरह के जुमले अब बिगाड़ रही है परंतु सरकार को यह सोचना चाहिए कि बढ़ती महंगाई ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है।


