कर्मचारियों के आंदोलन का व्यापक असर, सभी कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते दिखे घड़ी चौक पर…
अम्बिकापुर :- शासकीय अधिकारी/कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर आज दिनांक 03 नवम्बर को सामुहिक अवकाश पर रहने हेतु सरगुजा जिले के हजारों अधिकारी/कर्मचारी घड़ी चौक अम्बिकापुर में उपस्थित होकर अपनी 11 सूत्रीय मांगों के पूर्ण कराए जाने हेतु जोरदार नारा लगाया और वर्तमान सरकार से आग्रह किया कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की जायज मांगो को पूरा किया जाय
आज इस प्रदर्शन में शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के सभी घटक संगठन शामिल हुए। जिसमे शिक्षक कांग्रेस, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ,तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, पटवारी संघ,अधिकारी कर्मचारी संघ, लघु वेतन कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ, अपाक्स, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, कृषि अधिकारी कर्मचारी संघ,कोषालय कर्मचारी संघ, शासकीय अनुदान प्राप्त कर्मचारी संघ, वाहन चालक संघ सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों सहित आम सदस्यों ने भी आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।

बहुत बड़ी संख्या में कर्मचारी इकट्ठा हुए–
आज के प्रदर्शन में सुबह से ही विभिन्न संगठनों के कर्मचारी घड़ी चौक में इकट्ठा होने लगे थे। 12 बजते बजते लगभग एक हजार अधिकारी और कर्मचारियों ने घड़ी चौक में जाम लगा दिया। सभी कर्मचारियों में बहुत ज्यादा आक्रोश देखने मिल रहा था। फेडरेशन के बैनर के नीचे इकट्ठे हुए हजारों की भीड़ का नेतृत्व और सभा का संचालन लिपिक वर्ग के जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी ने करते हुए सभी को अवगत कराया कि जब वर्तमान सरकार सत्ता में नही थी तो इन्होंने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सुनहरे सपने दिखाए, बड़े बड़े वादे किये, लिपिकों के हड़ताल के दौरान पंडाल में आकर यहाँ तक कहा कि हम चाहते हैं कि रमन की सरकार आपकी मांगे पूरी ना करे ताकि हम सत्ता में आते ही आपकी वेतन्विसंगति में सुधार कर आपको तोहफा से सके। सत्ता में आते ही ये लोग कर्मचारियों से किये वादे भूल गए।

सभा को सभी संगठन के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। जिसमें देवेंद्र दुबे, चंद्रमणि मिश्रा, अभिमन्यु तिवारी, धनेश प्रताप सिंह, श्रीमती शोभा श्रीवास्तव, अशोक यादव, शबनम, सुजान बिंद, विवेक जैसवाल, हरिशंकर सिंह, एम एस अंसारी, आदित्य नंदन यादव सहित फेडरेशन के जिला संयोजक अनंत सिन्हा ने भी अपनी बात रखी।





